इन 7 साक्ष्यों ने उठा दिया राम और रावण के रहस्यों से पर्दा

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रामायण काल को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं. रामायण भारत की सबसे प्रचलित पुस्तको में से एक है. देश के अधिकतर घरों में रामचरितमानस का पाठ रोजाना होता है. लेकिन आज कुछ भ्रामक युवा रामायण को महज एक काल्पनिक कहानियो से भरी किताब कहने लगे है. जिसके चलते कुछ लोग भगवान राम के अस्तित्व पर ही सवाल उठाने लगते हैं. पर क्या होगा यदि हम आपके सामने साक्ष्यों से भरा पिटारा ही खोल दे. जिसका हर एक साक्ष्य चीख चीख कर रामायण की सत्यता को प्रमाणित करे?

युद्ध में जब लक्ष्मण घायल हुए थे तब हनुमान जी संजीवनी बूटी लाने के लिए द्रोणागिरी पर्वत गए थे , जहाँ उन्हें कुछ न समझ आने पर पूरा द्रोणागिरि पर्वत ही उठा लाये. और बाद में उसे वापस उसी स्थान पर रख आये थे. रामायण में इस घटना का वर्णन है और वर्तमान में हम आज भी द्रोणागिरी पर्वत के दर्शन कर सकते हैं क्यूंकि ये आज भी अपनी जगह पर अटल है ! आज भी उस पर्वत पर वो निशान मौजूद हैं जहाँ से हनुमान जी ने उसे तोड़ा था।

रावण के महल के अवशेष आज भी है जाने आगे की स्लाईड में

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